धीरेश त्रिवेदी लखनऊ संवाददाता / Tue, Mar 10, 2026 / Post views : 51
आज सीतापुर में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा के तहत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार को सिधौली कस्बे के सिद्धेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण और गौसेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में गौमाता का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। गौमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और स्वास्थ्य की आधारशिला हैं।
शंकराचार्य ने बताया कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए धर्मसम्राट करपात्री जी द्वारा चलाए गए अभियान को आगे बढ़ाते हुए देशभर में गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध यात्रा निकाली जा रही है। इसका उद्देश्य समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि सनातन धर्म के अनुयायी उसी राजनीतिक दल को वोट दें, जो गौ रक्षा करने और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की घोषणा करे।
इस अवसर पर स्वदेशी गोविज्ञान अनुसंधान केन्द्र ट्रस्ट/ कामधेनु फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष मदन पाल सिंह अर्कवंशी ने स्वामी जी को गौमाता के गोबर से निर्मित विभिन्न उत्पाद भेंट किए। इनमें आदि योगी की प्रतिमा, श्रीयंत्र, मोबाइल स्टैंड, एंटी रेडिएशन चिप, दीपक, धूपबत्ती स्टैंड और भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा शामिल थीं। स्वामी जी ने इन उत्पादों को देखकर संस्था के प्रयासों की सराहना की और आशीर्वाद प्रदान किया।
मीडिया से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि नैमिषारण्य की पवित्र धरती पर भगवान दधीचि ने गौमाता के लिए अपनी हड्डियां तक दान कर दी थीं। उन्होंने कहा कि वे उसी प्रेरणा से यहां आए हैं और भगवान सिद्धेश्वर महादेव से आशीर्वाद लिया है। अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन्हें सिद्ध करना कठिन है इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु एवं संत विद्वान उपस्थित थे
शेखर न्यूज
ब्यूरो प्रमुख लखनऊ मंडल उत्तर प्रदेश
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