सलोनी पाण्डेय विशेष कार्यकारी संपादक / Mon, Aug 18, 2025 / Post views : 117
परसपुर( गोंडा ) : स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी जब स्वतंत्रता की भावना को दबाने की कोशिश हो, तो यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर लोकतंत्र में आजादी की सीमाएं क्या हैं।ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला परसपुर नगर पंचायत में सामने आया,जहां स्वतंत्रता दिवस की सुबह परम्परागत रूप से निकाली जा रही मासूम बच्चों की प्रभात फेरी को पुलिसकर्मियों ने बीच रास्ते में रोक दिया।
नगर पंचायत परसपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय परसपुर प्रथम के प्रधानाध्यापक रामदीन विश्वकर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं की प्रभात फेरी विद्यालय प्रथम परसपुर से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक गई थी जिससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम और जागरूकता का संदेश जाए।लेकिन जैसे ही प्रभात फेरी वापस लौटते हुए बड़ी मस्जिद के पास पहुंची तो दो पुलिसकर्मी अचानक वहां आ धमके और प्रभात फेरी को असंवैधानिक बताते हुए परमिशन का हवाला देकर उसे जबरन रोक दिया।इस दौरान भीषण गर्मी और उमस के कारण नन्हे-मुन्ने बच्चों की हालत बिगड़ने लगी और पूरा माहौल असहज हो गया। स्थिति को गंभीर होते देख प्रधानाध्यापक ने तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार सिंह को दूरभाष पर इस घटना की जानकारी दी।मामले की गंभीरता को समझते हुए बीईओ स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।उनके हस्तक्षेप और स्पष्ट आदेशों के बाद प्रभात फेरी को पुनः प्रारंभ कर सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्पष्ट निर्देश है कि सर्वप्रथम प्रभात फेरी का आयोजन किया जाता है,इसके बाद ध्वजारोहण की प्रक्रिया होती है और इसे लेकर किसी प्रकार की अलग से अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है
।पुलिसकर्मियों द्वारा बच्चों की प्रभात फेरी को रोकना न तो नियमसम्मत था और न ही संवेदनशील।या तो उन्हें विभागीय आदेशों की जानकारी नहीं थी या फिर वे किसी के इशारे पर यह कार्य कर रहे थे।इसकी जवाबदेही उन्हीं पुलिसकर्मियों की बनती है।अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर वे दोनों पुलिसकर्मी कौन थे और उन्होंने किन निर्देशों के तहत बच्चों की प्रभात फेरी को रोका?क्या यह सिर्फ जानकारी का अभाव था या जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश?इन सवालों ने क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरी चर्चा छेड़ दी है और लोगों में नाराजगी का माहौल भी देखा जा रहा है।

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