नीरज कुमार सिंह संवाददाता परसपुर गोंडा / Mon, Aug 19, 2024 / Post views : 104
परसपुर, गोंडा : भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पवित्र पर्व इस बार सोमवार को नगर पंचायत परसपुर क्षेत्र में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु, सुख-समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की, जबकि भाइयों ने भी बहनों के सुख-दुख में हमेशा साथ देने और उम्रभर उनकी सुरक्षा करने का वचन दिया।

पंडित शिव शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन भद्रा का साया होने के कारण सुबह से लेकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त नहीं था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षासूत्र को भद्रा रहित और शुभ मुहूर्त में बांधना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। भद्रा के समाप्त होने के बाद, बहनों ने दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 3 बजकर 32 मिनट तक के शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों को राखी बांधी। इसके अलावा, प्रदोष काल में शाम 5 बजकर 32 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक का समय भी शुभकारी रहा, जिसमें राखी बांधने से भाइयों को दीर्घायु और भाग्योदय का वरदान मिलने की मान्यता है।

इस बार रक्षाबंधन का पर्व विशेष बनाते हुए सावन का सोमवार भी साथ आया, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया। सावन के सोमवार और रक्षाबंधन का एक साथ आना शुभ संयोगों को जन्म देता है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और रिश्ते को और भी मजबूत करता है। पूरे परसपुर क्षेत्र में इस पवित्र पर्व ने हर परिवार में प्रेम, स्नेह और भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत किया।
इस दिन के महत्व को सभी ने बड़े उत्साह और आनंद के साथ मनाया, जिससे परस्पर प्रेम और सद्भाव की भावना को और बल मिला। रक्षाबंधन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति का एक ऐसा पवित्र प्रतिबिंब है, जो समाज में स्नेह, सद्भाव और सौहार्द की भावना को प्रोत्साहित करता है।
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