आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Thu, Apr 16, 2026 / Post views : 121
ईरान ने 40 दिन से
होर्मुज को बंद किया हुआ था,
तब कोई मीडिया चैनल चर्चा भी
नहीं करता था -
अब ट्रंप ने नाकाबंदी कर दी
तो सारा मीडिया दर्द से कराह
रहा है -
जब से अमेरिका-इज़रायल का ईरान ने युद्ध शुरू हुआ, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को बंधक बना लिया था - हर देश के तेल टैंकरों को निकलने नहीं दे रहा था - पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया था - अनेक देशों में पेट्रोल और गैस के दाम बेतहाशा बढ़ गए थे - बड़े बड़े विकसित देश त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे थे -
लेकिन किसी मीडिया चैनल पर न ईरान की हठधर्मी का कोई जिक्र होता था और न उसकी निंदा की गई - गिने चुने देशों के ही टैंकर ईरान निकलने दे रहा था - स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज ईरान के बाप की प्रॉपर्टी नहीं था जो उस पर कब्ज़ा किया हुआ था -
दलाल पाकिस्तान में हुई अमेरिका ईरान की वार्ता विफल होने पर ट्रंप ने होर्मुज की नाकाबंदी की घोषणा कर दी और कल से शुरू भी कर दिया - सारा मीडिया ट्रंप पर पिल पड़ा - बड़े रक्षा विशेषज्ञ भी उसी कतार में खड़े हो गए जो कभी ईरान के कब्जे के खिलाफ नहीं बोले - मुझे तो ताज्जुब होता है कि मेजर जनरल (रिटायर्ड) जी डी बक्शी भी ट्रंप पर बरसते रहते हैं - वो तो जैसे ट्रंप को अपना निजी शत्रु मानकर बैठे हैं -
क्या बक्शी जी नहीं जानते कि ईरान परमाणु हथियार इज़रायल का नामोनिशान मिटाने के लिए बनाना चाहता है जैसी वो धमकी बार बार देता है - क्या बक्शी जी भी इज़रायल का अस्तित्व मिटना देखना चाहते हैं -
अब ईरान कह रहा है कि नाकाबंदी का उल्टा असर होगा क्योंकि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के खिलाफ काम करेगा - मतलब तुम तो होर्मुज को बंद करके जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का काम कर रहे थे -
मीडिया ने कभी नहीं बताया ईरान द्वारा होर्मुज को बंद करने से क्या विपरीत परिस्थिति बन रही हैं और कितना नुकसान हो रहा है लेकिन ट्रंप द्वारा नाकाबंदी करने के बाद यह सब बताया जा रहा है जैसा कल एक चैनल ने बताया -
होर्मुज का जंग पर असर -
-होर्मुज से तेल सप्लाई - 21 मिलियन बैरल रोजाना;
-कारोबार का नुकसान - 13.15 अरब डॉलर रोजाना; और
-प्रभावित आबादी - 3 अरब
क्या बात है, बड़ी जल्दी आंकड़े निकाल लिए - चलिए पहले नहीं बताए तो अब बताएं कि ईरान के होर्मुज पर कब्जे के समय यह आंकड़े कितने थे -
आज चीन भी उछला है ट्रंप के खिलाफ - चीन ने कहा है -”the blockade is dangerous and irresponsible - जिनपिंग ने कहा the world must not be allowed to “revert to the law of jungle”
चीन को ईरान द्वारा होर्मुज पर कब्जे से कोई परेशानी नहीं थी, तब उसने नहीं कहा कि हम जंगल के कानून पर चल रहे हैं - वो इसलिए क्योंकि ईरान उसके तेल टैंकर नहीं रोक रहा था और अब फटी पड़ी है -
ट्रंप में कमियां हैं, उसके बहुत गलतियां की हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मीडिया ईरान के साथ खड़ा हो जाए जिसने हमास, हिजबुल्लाह और हूती जैसे आतंकी संगठन खड़े किये हुए है इज़रायल को ख़त्म करने के लिए - यूरोपीय देश ट्रंप को लगता है उसके टैरिफ की सजा देना चाहते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता उनके देशों में ईरान और पाकिस्तान के कितने sleeper Cells संचालित हो रहे हैं और एक दिन वे उनकी चपेट में आएंगे -
इस बीच एक महत्वपूर्ण खबर आई है कि ट्रंप में प्रधानमंत्री मोदी से 40 मिनट फ़ोन पर बात की है, निश्चित रूप से मोदी ने शांति बनाने के लिए प्रयास करने को कहा होगा
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