Mon, 17 Aug 2026
Breaking News
सीतापुर डीएम और मंत्री का स्थलीय निरीक्षण : फिर भी हादसे के इंतजार में शारदा सहायक नहर का पुल पोंगली पुर | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : ध्वजारोहण के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : तिरंगे की शान में मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, 600 से अधिक छात्र-छात्राएं व अभिभावक हुए शामिल | तिरंगा रंग में रंगी राजधानी लखनऊ : हजरत गंज सहित सरकारी स्थलों को तिरंगा लाइट से सजाया गया है | शाम 6:00 बजे तक की बड़ी एवं प्रमुख खबरें : 15 अगस्त 2026 | सच्ची और सीधी लेखनी : देहावसान पर स्वयं डॉक्टर रहीं उनका लेख | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : प्योली में निकली भव्य तिरंगा पदयात्रा, गूंजे भारत माता की जय के जयघोष | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्वतंत्रता दिवस पर अग्रिमा डिजिटल लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बढ़ा कदम | सुबह देश राज्यों से बड़ी खबरें : 13 अगस्त 2026 | कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने किया स्थलीय निरीक्षण : नैमिष में निर्माणाधीन तोरण द्वार पर कमियां देख अधिकारियों को दिए शख्त निर्देश | सीतापुर डीएम और मंत्री का स्थलीय निरीक्षण : फिर भी हादसे के इंतजार में शारदा सहायक नहर का पुल पोंगली पुर | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : ध्वजारोहण के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : तिरंगे की शान में मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, 600 से अधिक छात्र-छात्राएं व अभिभावक हुए शामिल | तिरंगा रंग में रंगी राजधानी लखनऊ : हजरत गंज सहित सरकारी स्थलों को तिरंगा लाइट से सजाया गया है | शाम 6:00 बजे तक की बड़ी एवं प्रमुख खबरें : 15 अगस्त 2026 | सच्ची और सीधी लेखनी : देहावसान पर स्वयं डॉक्टर रहीं उनका लेख | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : प्योली में निकली भव्य तिरंगा पदयात्रा, गूंजे भारत माता की जय के जयघोष | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्वतंत्रता दिवस पर अग्रिमा डिजिटल लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बढ़ा कदम | सुबह देश राज्यों से बड़ी खबरें : 13 अगस्त 2026 | कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने किया स्थलीय निरीक्षण : नैमिष में निर्माणाधीन तोरण द्वार पर कमियां देख अधिकारियों को दिए शख्त निर्देश | सीतापुर डीएम और मंत्री का स्थलीय निरीक्षण : फिर भी हादसे के इंतजार में शारदा सहायक नहर का पुल पोंगली पुर | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : ध्वजारोहण के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : तिरंगे की शान में मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, 600 से अधिक छात्र-छात्राएं व अभिभावक हुए शामिल | तिरंगा रंग में रंगी राजधानी लखनऊ : हजरत गंज सहित सरकारी स्थलों को तिरंगा लाइट से सजाया गया है | शाम 6:00 बजे तक की बड़ी एवं प्रमुख खबरें : 15 अगस्त 2026 | सच्ची और सीधी लेखनी : देहावसान पर स्वयं डॉक्टर रहीं उनका लेख | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : प्योली में निकली भव्य तिरंगा पदयात्रा, गूंजे भारत माता की जय के जयघोष | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : स्वतंत्रता दिवस पर अग्रिमा डिजिटल लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बढ़ा कदम | सुबह देश राज्यों से बड़ी खबरें : 13 अगस्त 2026 | कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने किया स्थलीय निरीक्षण : नैमिष में निर्माणाधीन तोरण द्वार पर कमियां देख अधिकारियों को दिए शख्त निर्देश |

: बीजेपी के एक फैसले ने इन नेताओं के लिए बंद कर दिए 5 साल के रास्ते

शुभम पाण्डेय विशेष संपादक / Tue, Mar 15, 2022 / Post views : 195

Share:
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में योगी सरकार प्रचंड बहुमत के साथ वापसी की है, लेकिन बीजेपी के कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा सके हैं. ऐसे में माना जा रहा था कि हारे हुए कद्दावर नेता विधान परिषद चुनाव में उतर सकते हैं, लेकिन बीजेपी ने फैसला किया है कि हारे हुए किसी भी नेता को एमएलसी नहीं बनाएगी. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत मिली है. 37 साल में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब किसी सत्ताधारी दल को यूपी की जनता ने दोबारा राज्य की कमान सौंपी है. बीजेपी की प्रचंड जीत के बावजूद योगी सरकार के 11 मंत्रियों सहित कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा सके. ऐसे में माना जा रहा था कि विधान परिषद के जरिए विधानमंडल पहुंचने का इन नेताओं का सपना साकार हो सकता है, लेकिन बीजेपी अगर अपने फैसले पर कायम रही तो हारे दिग्गजों को सदन पहुंचने के लिए पांच साल का इंतजार करना होगा? यूपी के केशव प्रसाद मौर्य सहित सुरेश राणा, मोती सिंह, सतीश चंद्र द्विवेदी और संगीत सोम जैसे बीजेपी के दिग्गज नेताओं को चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है. केशव प्रसाद मौर्य भले ही चुनाव हार गए हों, लेकिन मौजूदा समय में विधान परिषद के सदस्य हैं. वहीं, बाकी नेता न तो विधान परिषद में और न ही अब विधानसभा में. ऐसे में बीजेपी ने फैसला किया है कि हारे हुए नेताओं को एमएलसी चुनाव में नहीं उतारेगी, जिसके चलते दिग्गजों को विधानमंडल पहुंचने की राह में मुश्किलें खड़ी हो गई हैं.

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें